INDIA LIVE DESKNIFTY 50:23,140.50(+0.34%)SENSEX:73,895.74(+0.43%)
RDU Global
🇮🇳
सीबीएन ने मध्य प्रदेश के जावरा में नशा मुक्त भारत के लिए मिशन युवा रक्षा के तहत छात्रों के लिए नशा विरोधी जागरूकता का कार्यक्रम आयोजित किया
Editorial Photo: New Delhi, India — सीबीएन ने मध्य प्रदेश के जावरा में नशा मुक्त भारत के लिए मिशन युवा रक्षा के तहत छात्रों के लिए नशा विरोधी जागरूकता का कार्यक्रम आयोजित कियाRDU Global Media

सीबीएन ने मध्य प्रदेश के जावरा में नशा मुक्त भारत के लिए मिशन युवा रक्षा के तहत छात्रों के लिए नशा विरोधी जागरूकता का कार्यक्रम आयोजित किया

R

RDU Global Correspondent

Governance & Policy Desk

New Delhi, India Sept 26, 2026•3 min read

मध्य प्रदेश के जावरा में सीबीएन ने मिशन युवा रक्षा के तहत छात्रों के लिए नशा विरोधी जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। इस पहल का उद्देश्य युवा पीढ़ी को नशे के खतरे के प्रति जागरूक करना है।

26 सितंबर 2026 को, मध्य प्रदेश के जावरा में केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (सीबीएन) ने 'मिशन युवा रक्षा' के तहत एक विशेष नशा विरोधी जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करना और उन्हें एक स्वस्थ और नशामुक्त जीवन जीने के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम में स्थानीय स्कूलों के हजारों छात्रों ने भाग लिया, जिसमें विभिन्न गतिविधियों और चर्चाओं के माध्यम से नशे के खतरे को उजागर किया गया।

सीबीएन के अधिकारियों ने इस अवसर पर बताया कि नशे की समस्या भारत में एक गंभीर चुनौती बन चुकी है, विशेषकर युवा वर्ग के बीच। आंकड़ों के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में नशे के मामलों में वृद्धि हुई है, जो न केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य को प्रभावित करता है, बल्कि समाज और अर्थव्यवस्था पर भी नकारात्मक प्रभाव डालता है। इस संदर्भ में, 'मिशन युवा रक्षा' एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाना और युवा पीढ़ी को इस समस्या से बचाना है।

कार्यक्रम में विभिन्न विशेषज्ञों ने नशे के विभिन्न प्रकारों, जैसे कि मादक पदार्थों के सेवन, शराब, और अन्य नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों पर चर्चा की। छात्रों ने भी अपनी राय साझा की और नशे के खिलाफ अपनी आवाज उठाने के लिए प्रेरित हुए। सीबीएन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "युवाओं को नशे के खतरे के बारे में जागरूक करना हमारी प्राथमिकता है। हम चाहते हैं कि वे समझें कि नशा केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए खतरा है।"

इस कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण पहलू यह था कि यह न केवल जागरूकता फैलाने पर केंद्रित था, बल्कि छात्रों को नशे के खिलाफ सक्रिय रूप से लड़ने के लिए भी प्रेरित करता था। कई छात्रों ने नशे के खिलाफ नारे लगाए और अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की कि वे नशे के खिलाफ एकजुट होकर खड़े होंगे। इस प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन न केवल छात्रों को जागरूक करता है, बल्कि उन्हें एक सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने के लिए भी प्रेरित करता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की पहलों से न केवल नशे की समस्या को कम किया जा सकता है, बल्कि यह युवा पीढ़ी को एक स्वस्थ और सकारात्मक जीवन जीने के लिए भी प्रेरित करेगा। सीबीएन के इस कार्यक्रम से यह स्पष्ट होता है कि सरकार नशे के खिलाफ लड़ाई में गंभीर है और युवा पीढ़ी को इस दिशा में जागरूक करने के लिए विभिन्न उपाय कर रही है।

इस कार्यक्रम के सफल आयोजन के बाद, सीबीएन ने यह घोषणा की है कि वे पूरे देश में इसी तरह के कार्यक्रमों का आयोजन करेंगे, ताकि नशे के खिलाफ एक व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जा सके। ऐसे कार्यक्रमों की निरंतरता से न केवल नशे के खिलाफ लड़ाई को मजबूत किया जा सकेगा, बल्कि यह युवा पीढ़ी को एक नई दिशा में आगे बढ़ने के लिए भी प्रेरित करेगा।

Editorial & Verification Notice

Reported by RDU Global Correspondent. Formatted and verified using real-time institutional and journalistic wire feeds. Independent reporting adhering to the RDU Global Editorial Code of Conduct.

Related Coverage